राहुल गांधी को मानहानि केस में सुप्रीम कोर्ट से राहत, ट्रायल कोर्ट की कार्यवाही पर लगी रोक
नई दिल्ली: कांग्रेस नेता और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी को मानहानि के एक मामले में सुप्रीम कोर्ट से अंतरिम राहत मिली है। 13 अक्टूबर 2026 को शीर्ष अदालत ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर कथित टिप्पणी से जुड़े मामले में निचली अदालत की आगे की कार्यवाही पर रोक लगा दी।
सुप्रीम कोर्ट की जस्टिस विक्रम नाथ और जस्टिस अपरेश कुमार सिंह की पीठ ने राहुल गांधी की याचिका पर सुनवाई करते हुए महाराष्ट्र सरकार और शिकायतकर्ता को नोटिस जारी किया है। दोनों पक्षों से चार सप्ताह के भीतर जवाब मांगा गया है।
क्या है पूरा मामला?
यह मामला सितंबर 2018 में राजस्थान में एक सार्वजनिक सभा के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को लेकर राहुल गांधी की कथित टिप्पणियों से जुड़ा है। शिकायतकर्ता महेश श्रीश्रीमल ने आरोप लगाया था कि इन टिप्पणियों से प्रधानमंत्री और भाजपा से जुड़े लोगों की प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचा।
इस मामले में मुंबई की गिरगांव मजिस्ट्रेट अदालत ने अगस्त 2019 में कार्रवाई शुरू करने का आदेश दिया था। बाद में राहुल गांधी ने बॉम्बे हाईकोर्ट में याचिका दाखिल कर मामले को रद्द करने की मांग की, लेकिन 8 सितंबर 2026 को हाईकोर्ट ने उनकी याचिका खारिज कर दी।
सुप्रीम कोर्ट ने क्या कहा?
बॉम्बे हाईकोर्ट के फैसले को चुनौती देते हुए राहुल गांधी ने सुप्रीम कोर्ट का रुख किया। सुनवाई के दौरान वरिष्ठ अधिवक्ता अभिषेक मनु सिंघवी ने राहुल गांधी की ओर से पक्ष रखा।
सुप्रीम कोर्ट ने फिलहाल निचली अदालत में आगे की कार्यवाही पर रोक लगाते हुए संबंधित पक्षों से जवाब मांगा है। यह अंतरिम राहत है। मामले में आरोपों की वैधता पर अंतिम फैसला अभी नहीं आया है।
निष्कर्ष: सुप्रीम कोर्ट के आदेश से राहुल गांधी को मानहानि मामले में फिलहाल राहत मिली है। अब मामले में आगे की सुनवाई संबंधित पक्षों के जवाब के बाद होगी।
स्रोत: 13 अक्टूबर 2026 की प्रकाशित न्यायिक रिपोर्टें।
