Jharkhand Employees Salary Hike: कर्मचारियों की बढ़ेगी सैलरी, ACP/MACP पर 30 सितंबर को बैठक

 Jharkhand Employees Salary Hike: राज्य के कर्मचारियों की बढ़ेगी सैलरी, ACP/MACP को लेकर 30 सितंबर को होगी अहम बैठक


रांची: झारखंड के राज्यस्तरीय अराजपत्रित स्वास्थ्य कर्मियों के लिए ACP/MACP से जुड़ी प्रक्रिया आगे बढ़ गई है। स्वास्थ्य निदेशालय की ओर से इस संबंध में स्क्रीनिंग समिति की बैठक बुलाने का आदेश जारी किया गया है। बैठक में पात्र कर्मचारियों के लंबित मामलों पर विचार किया जाएगा।


30 सितंबर को होगी स्क्रीनिंग कमेटी की बैठक


स्वास्थ्य निदेशालय, रांची में 30 सितंबर 2026 को सुबह 11 बजे स्क्रीनिंग समिति की बैठक आयोजित की जाएगी। इस बैठक में राज्यस्तरीय अराजपत्रित स्वास्थ्य कर्मियों से संबंधित परिपक्व मामलों पर विचार किया जाएगा।


निदेशक प्रमुख (स्वास्थ्य सेवाएं) डॉ. सिद्धार्थ सान्याल की ओर से जारी पत्र में संबंधित अधिकारियों को आवश्यक प्रस्ताव समय पर उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं।


बैठक में कौन-कौन अधिकारी होंगे शामिल?


स्क्रीनिंग समिति की बैठक में स्वास्थ्य विभाग के कई अधिकारी और संबंधित विभागों के नामित प्रतिनिधि शामिल होंगे। इनमें प्रमुख रूप से:


- डॉ. दिनेश कुमार, निदेशक, योजना एवं प्रशासन, स्वास्थ्य सेवाएं

- डॉ. मीता सिन्हा, निदेशक, परिवार कल्याण, स्वास्थ्य निदेशालय

- श्री सीता शरण चौधरी, अवर सचिव, स्वास्थ्य निदेशालय

- योजना सह वित्त विभाग द्वारा नामित पदाधिकारी

- कार्मिक, प्रशासनिक सुधार तथा राजभाषा विभाग द्वारा नामित पदाधिकारी


किन कर्मचारियों को मिल सकता है ACP/MACP का लाभ?


रिपोर्ट के अनुसार, नियमानुसार निर्धारित पात्रता पूरी करने वाले कर्मचारियों को ACP/MACP का लाभ दिया जाता है। सामान्य तौर पर 10 वर्ष की नियमित सेवा पूरी करने के बाद इस लाभ के लिए पात्रता बन सकती है, हालांकि अन्य निर्धारित शर्तें भी लागू होती हैं।


ACP/MACP का लाभ मिलने पर कर्मचारी के वेतन में संबंधित वित्तीय उन्नयन का असर पड़ता है। रिपोर्ट के अनुसार, कई मामलों में विभागीय प्रक्रिया में देरी के कारण कर्मचारी लंबे समय तक इस लाभ से वंचित रह जाते हैं।


वेतन में कितनी बढ़ोतरी होगी?


ACP/MACP के तहत कर्मचारी को उसकी पात्रता और लागू नियमों के अनुसार वित्तीय उन्नयन मिलता है। रिपोर्ट में किसी एक निश्चित रुपये की वेतन वृद्धि का आंकड़ा नहीं दिया गया है। इसलिए वास्तविक बढ़ोतरी संबंधित कर्मचारी के वर्तमान वेतन, ग्रेड पे/पे लेवल और पात्रता के आधार पर अलग-अलग हो सकती है।


सभी जिलों से प्रस्ताव मंगाने के निर्देश


स्वास्थ्य निदेशालय ने राज्य के सभी सिविल सर्जनों और राज्य कार्यक्रम पदाधिकारियों को संबंधित पात्र मामलों के प्रस्ताव समय पर उपलब्ध कराने का निर्देश दिया है। इसका उद्देश्य स्क्रीनिंग समिति के सामने मामलों को नियमानुसार प्रस्तुत करना है।