मोहम्मद आसिफ को लेकर भारत-पाकिस्तान के दावे आमने-सामने, जानें क्या है पूरा मामला

 मोहम्मद आसिफ को लेकर भारत-पाकिस्तान के दावे आमने-सामने, जानें पूरा मामला


जम्मू-कश्मीर में सुरक्षा बलों की कार्रवाई में मोहम्मद आसिफ उर्फ हाशिम मूसा के मारे जाने के भारत के दावे के बाद इस मामले को लेकर भारत और पाकिस्तान के बीच अलग-अलग दावे सामने आए हैं। भारत के गृह मंत्रालय के अनुसार, सुरक्षा बलों ने 30 सितंबर को बडगाम जिले में एक अभियान के दौरान लश्कर-ए-तैयबा के वरिष्ठ कमांडर मूसा उर्फ आसिफ फौजी को मार गिराया था। 


इसके अगले दिन पाकिस्तान की सेना के प्रवक्ता लेफ्टिनेंट जनरल अहमद शरीफ चौधरी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में मोहम्मद आसिफ नाम के एक व्यक्ति को मीडिया के सामने पेश किया। पाकिस्तान का दावा था कि यह वही व्यक्ति है जिसे भारत ने मारा हुआ बताया है। उस व्यक्ति ने भी खुद को पाकिस्तान सेना का पूर्व जवान बताते हुए कहा कि वह जीवित है। 


वहीं, भारतीय अधिकारियों और सुरक्षा एजेंसियों की ओर से बताया गया है कि बडगाम में मारा गया व्यक्ति मोहम्मद आसिफ उर्फ हाशिम मूसा था और उसे लश्कर-ए-तैयबा का वरिष्ठ कमांडर बताया गया। भारत के गृह मंत्रालय ने इस कार्रवाई को लंबे समय से चल रहे 'ऑपरेशन शेरुवाली' का हिस्सा बताया है। 


इस पूरे मामले में फिलहाल पहचान को लेकर दोनों देशों के दावे परस्पर विरोधी हैं। इसलिए सोशल मीडिया पर वायरल दावों को बिना आधिकारिक पुष्टि के सच मानने के बजाय भारत और पाकिस्तान की संबंधित आधिकारिक सूचनाओं तथा विश्वसनीय रिपोर्टों को देखना जरूरी है।