PM मोदी से मुलाकात के बाद असगर अली वोरा को जमीन विवाद में राहत, विधायक ने कब्जा छोड़ने का ऐलान

PM मोदी से मुलाकात के बाद असगर अली वोरा को जमीन विवाद में राहत, विधायक ने कब्जा छोड़ने का ऐलान



महाराष्ट्र के भायंदर में करीब 15 साल पुराने जमीन विवाद में 81 वर्षीय असगर अली वोरा को राहत मिली है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के पुराने स्कूलमेट वोरा ने 8 सितंबर को पीएम मोदी से मुलाकात कर अपनी जमीन से जुड़े विवाद का मुद्दा उठाया था। इसके कुछ दिनों बाद विवादित जमीन से जुड़ा समाधान सामने आया।

रिपोर्टों के मुताबिक, वोरा ने बताया था कि उन्होंने 1989 में भायंदर ईस्ट के नवघर इलाके में करीब 2,810 वर्ग मीटर जमीन खरीदी थी। उनका आरोप था कि 2011 में उनकी जमीन पर कब्जा कर लिया गया और वह लंबे समय से प्रशासनिक स्तर पर शिकायतें करते रहे।

वोरा ने 8 सितंबर को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात के दौरान इस मामले की जानकारी दी थी। इसके बाद महाराष्ट्र सरकार के वरिष्ठ अधिकारियों की मौजूदगी में दोनों पक्षों की बैठक हुई।

बैठक के बाद बीजेपी विधायक नरेंद्र मेहता ने विवादित जमीन का कब्जा छोड़ने और उस प्लॉट से संबंधित निर्माण अनुमति वापस करने की बात कही। उन्होंने असगर अली वोरा के खिलाफ पहले दर्ज कराई गई शिकायत वापस लेने की भी जानकारी दी।

रिपोर्टों के अनुसार, मेहता ने कहा कि संबंधित जमीन उन्होंने 2019 में खरीदी थी। वहीं, वोरा जमीन पर अपने अधिकार का दावा करते रहे हैं और मामले में कथित दस्तावेजी गड़बड़ी की जांच की मांग भी कर चुके हैं।

इस पूरे घटनाक्रम के बाद करीब डेढ़ दशक से चल रहे जमीन विवाद को लेकर एक नया मोड़ आया है। हालांकि, जमीन के स्वामित्व और पुराने आरोपों से जुड़े सभी कानूनी पहलुओं को संबंधित दस्तावेजों और आधिकारिक रिकॉर्ड के आधार पर ही देखा जाना चाहिए।