DBT के जरिए सरकारी सहायता सीधे लाभार्थियों तक पहुंचने से फर्जीवाड़े पर रोक का दावा
नई दिल्ली: India Mobile Congress 2026 के 10वें संस्करण में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने डिजिटल तकनीक और सरकारी योजनाओं के बीच बढ़ते तालमेल का जिक्र किया। इस दौरान उन्होंने Direct Benefit Transfer (DBT) व्यवस्था को लेकर सरकार की उपलब्धियों की जानकारी साझा की।
प्रधानमंत्री ने कहा कि तकनीक के इस्तेमाल से सरकारी सहायता को सीधे लाभार्थियों तक पहुंचाने में मदद मिली है। DBT के माध्यम से विभिन्न सरकारी योजनाओं का पैसा सीधे पात्र लाभार्थियों के बैंक खातों में भेजा जाता है। इससे सरकारी सहायता के वितरण की प्रक्रिया को अधिक सीधा बनाने में मदद मिली है।
DBT के जरिए करीब ₹5 लाख करोड़ की बचत का दावा
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने संबोधन में कहा कि DBT व्यवस्था के कारण करीब 5 लाख करोड़ रुपये की बचत हुई है। उनके मुताबिक, यह वह रकम है जिसे गलत हाथों में जाने से रोका गया।
PM मोदी ने डिजिटल सिस्टम की भूमिका पर जोर देते हुए बताया कि तकनीक के इस्तेमाल से सरकारी योजनाओं का लाभ वास्तविक लाभार्थियों तक पहुंचाने की प्रक्रिया में बदलाव आया है। DBT व्यवस्था में लाभार्थियों के बैंक खातों में सीधे राशि ट्रांसफर की जाती है, जिससे बीच की कई प्रक्रियाओं को कम करने में मदद मिलती है।
सरकारी सहायता सीधे लाभार्थियों तक
DBT का उद्देश्य विभिन्न सरकारी योजनाओं के तहत मिलने वाली वित्तीय सहायता को सीधे पात्र लोगों तक पहुंचाना है। इस व्यवस्था के तहत लाभार्थियों की पहचान और बैंक खाते से जुड़ी डिजिटल व्यवस्था का इस्तेमाल किया जाता है।
प्रधानमंत्री ने कहा कि डिजिटल तकनीक केवल संचार और इंटरनेट तक सीमित नहीं है, बल्कि इसका इस्तेमाल सरकारी सेवाओं और कल्याणकारी योजनाओं की पहुंच को बेहतर बनाने में भी किया जा रहा है।
डिजिटल इंडिया से जुड़ी उपलब्धियों का किया जिक्र
India Mobile Congress के मंच से प्रधानमंत्री ने भारत में डिजिटल तकनीक के विस्तार और इसके बढ़ते इस्तेमाल को भी रेखांकित किया। उन्होंने डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर को आम लोगों की जिंदगी और सरकारी सेवाओं से जोड़ने पर जोर दिया।
DBT का उदाहरण देते हुए उन्होंने बताया कि तकनीक के जरिए सरकारी सहायता के वितरण में पारदर्शिता और प्रत्यक्षता बढ़ाने का प्रयास किया गया है।
प्रधानमंत्री का यह बयान ऐसे समय में आया है जब भारत में डिजिटल भुगतान, ऑनलाइन सरकारी सेवाओं और डिजिटल पहचान आधारित सेवाओं का दायरा लगातार बढ़ रहा है।
क्या है DBT?
Direct Benefit Transfer यानी DBT ऐसी व्यवस्था है जिसमें सरकार की ओर से पात्र लाभार्थियों को मिलने वाली वित्तीय सहायता सीधे उनके बैंक खाते में ट्रांसफर की जाती है। इसका उद्देश्य सरकारी योजनाओं के लाभ को सीधे लाभार्थी तक पहुंचाना और वितरण प्रक्रिया में होने वाली अनियमितताओं को कम करना है।
India Mobile Congress में प्रधानमंत्री के बयान के मुताबिक, DBT के जरिए करीब ₹5 लाख करोड़ की बचत हुई है और इस राशि को गलत हाथों में जाने से रोकने में मदद मिली है।
