Gujarat News: 8 घंटे बिजली कटौती खत्म, उद्योगों को राहत

 Gujarat News: गुजरात में 8 घंटे बिजली कटौती का आदेश वापस, कपड़ा उद्योग को हर हफ्ते ₹300 करोड़ के नुकसान का अनुमान


गुजरात में बिजली संकट के बीच उद्योगों को राहत मिली है। दिवाली से पहले दक्षिण गुजरात में लागू की गई 8 घंटे की साप्ताहिक बिजली कटौती का आदेश वापस ले लिया गया है। इससे पहले कपड़ा उद्योग ने उत्पादन प्रभावित होने और हर सप्ताह करीब ₹300 करोड़ के नुकसान की आशंका जताई थी।


गुजरात में क्यों लागू हुई थी बिजली कटौती?


गुजरात में अक्टूबर 2026 के दौरान बिजली की मांग बढ़ने के कारण औद्योगिक क्षेत्रों में बिजली आपूर्ति को लेकर दबाव बढ़ गया था। 16 अक्टूबर को राज्य में बिजली की मांग लगभग 29,822 मेगावाट तक पहुंच गई थी।


नवरात्रि के दौरान बढ़ी खपत, औद्योगिक गतिविधियों और दिवाली से पहले उत्पादन की बढ़ती जरूरतों को बिजली की मांग बढ़ने की प्रमुख वजहों में गिना गया। इस स्थिति में दक्षिण गुजरात के कुछ औद्योगिक क्षेत्रों में बिजली आपूर्ति के लिए कटौती का शेड्यूल लागू किया गया था।


कपड़ा उद्योग को हर सप्ताह ₹300 करोड़ के नुकसान की आशंका


बिजली कटौती का सबसे अधिक असर दक्षिण गुजरात के कपड़ा उद्योग पर पड़ने की आशंका जताई गई थी। उद्योग जगत के अनुमान के मुताबिक, इस क्षेत्र को हर सप्ताह लगभग ₹300 करोड़ का नुकसान हो सकता था।


बिजली आपूर्ति बाधित होने से कपड़ा मिलों में उत्पादन धीमा पड़ने, मशीनों के संचालन में रुकावट आने और तैयार माल की डिलीवरी में देरी होने का खतरा था। दिवाली से पहले कारोबारियों के पास त्योहार से जुड़े ऑर्डर पूरे करने का दबाव भी था।


उद्योग संगठनों ने आशंका जताई थी कि बिजली की समस्या लंबे समय तक बनी रहने पर कारोबार के साथ-साथ कर्मचारियों की आजीविका पर भी असर पड़ सकता है।


उद्योगों की मांग के बाद सरकार का फैसला


बिजली कटौती से परेशान उद्योग संगठनों ने राज्य सरकार और संबंधित बिजली विभाग के सामने अपनी समस्याएं रखीं। कारोबारियों ने बिजली आपूर्ति सामान्य करने और औद्योगिक उत्पादन को होने वाले नुकसान से बचाने की मांग की।


इसके बाद दक्षिण गुजरात की बिजली वितरण कंपनी दक्षिण गुजरात विज कंपनी लिमिटेड (DGVCL) ने 23 अक्टूबर 2026 को औद्योगिक फीडरों पर लागू साप्ताहिक बिजली कटौती की व्यवस्था वापस ले ली। इस फैसले से प्रभावित उद्योगों को राहत मिलने की उम्मीद है।


क्या अब उद्योगों को मिलेगी पूरी बिजली?


कटौती का आदेश वापस लिए जाने से संबंधित औद्योगिक फीडरों पर निर्धारित 8 घंटे की बिजली बंदी समाप्त हो गई है। हालांकि, इससे पूरे गुजरात में बिजली संकट पूरी तरह समाप्त होने की पुष्टि नहीं होती। वास्तविक आपूर्ति की स्थिति संबंधित क्षेत्र और बिजली वितरण कंपनी की आधिकारिक जानकारी पर निर्भर करेगी।


गुजरात के उद्योगों के लिए क्यों अहम है यह फैसला?


दक्षिण गुजरात में कपड़ा उत्पादन और उससे जुड़े कारोबार में बड़ी संख्या में लोग काम करते हैं। दिवाली से पहले बिजली आपूर्ति में रुकावट से उत्पादन, तैयार माल की पैकिंग और ऑर्डर की डिलीवरी प्रभावित हो सकती थी।


ऐसे में बिजली कटौती वापस लेने का फैसला कारोबारियों के लिए राहत भरा कदम है। अब उद्योगों की नजर बिजली आपूर्ति की स्थिरता और त्योहार से पहले लंबित ऑर्डर समय पर पूरे करने पर रहेगी।


निष्कर्ष: गुजरात में 8 घंटे की साप्ताहिक औद्योगिक बिजली कटौती का आदेश वापस ले लिया गया है। इससे पहले कपड़ा उद्योग ने हर सप्ताह करीब ₹300 करोड़ के संभावित नुकसान का अनुमान जताया था। हालांकि, राज्य में बिजली की उपलब्धता और आपूर्ति की स्थिति पर आगे भी नजर बनी रहेगी।


अपडेट: 23 अक्टूबर 2026 तक उपलब्ध मीडिया रिपोर्टों के आधार पर।