Delhi Race Course Masjid News: मस्जिद को 6 दिन में खाली करने का नोटिस, पानी-बिजली बंद

 दिल्ली: PM आवास के पास रेस कोर्स मस्जिद को 6 दिन में खाली करने का नोटिस, पानी-बिजली सप्लाई बंद



नई दिल्ली: प्रधानमंत्री आवास के पास स्थित ऐतिहासिक रेस कोर्स मस्जिद को खाली कराने के नोटिस के बाद दिल्ली में मामला चर्चा में है। अधिकारियों के अनुसार, मस्जिद प्रबंधन को परिसर खाली करने के लिए छह दिन का समय दिया गया है। इस बीच मस्जिद और आसपास की कई संपत्तियों की पानी और बिजली आपूर्ति बंद किए जाने की जानकारी सामने आई है। यह कार्रवाई रेस कोर्स रोड इलाके में चल रहे अतिक्रमण हटाने के अभियान के बीच हुई है। 


मस्जिद को क्यों दिया गया खाली करने का नोटिस?


मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, भूमि एवं विकास कार्यालय (L&DO) ने संबंधित जमीन को केंद्र सरकार की संपत्ति बताते हुए वहां हुए निर्माण को अनधिकृत अतिक्रमण माना है। मस्जिद प्रबंधन को अक्टूबर में परिसर खाली करने का नोटिस दिए जाने की जानकारी सामने आई है।


अधिकारियों के अनुसार, इलाके में कार्रवाई अदालत के आदेश और भूमि एवं विकास कार्यालय के निर्देशों के तहत की जा रही है। हालांकि, इस मामले में अलग-अलग पक्षों के दावे सामने आए हैं। 


पानी और बिजली की आपूर्ति क्यों रोकी गई?


रिपोर्टों के अनुसार, मस्जिद और आसपास की कई संपत्तियों की पानी-बिजली आपूर्ति अक्टूबर की शुरुआत में रोक दी गई थी। NDMC के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि इलाके में ध्वस्तीकरण अभियान चल रहा है और भूमि एवं विकास कार्यालय के आदेश के बाद कई संपत्तियों के कनेक्शन काटे गए।


इस कार्रवाई से मस्जिद के अलावा आसपास रहने वाले परिवार भी प्रभावित हुए हैं। हालांकि, आपूर्ति बंद करने से संबंधित सभी प्रशासनिक आदेशों का स्वतंत्र सत्यापन आवश्यक है। 


ऐतिहासिक मस्जिद को लेकर क्या है विवाद?


रेस कोर्स मस्जिद को ऐतिहासिक महत्व वाला धार्मिक स्थल बताया जाता है। यह नई दिल्ली नगरपालिका परिषद (NDMC) की विरासत सूची में भी दर्ज है। दूसरी ओर, भूमि एवं विकास कार्यालय की ओर से जमीन पर सरकारी स्वामित्व और निर्माण की वैधता को लेकर सवाल उठाए गए हैं।


दिल्ली वक्फ बोर्ड ने भी मस्जिद की सुरक्षा और पानी-बिजली की आपूर्ति बहाल करने की मांग की है। बोर्ड का कहना है कि मस्जिद और उससे लगा कब्रिस्तान वक्फ संपत्ति के रूप में अधिसूचित हैं। इस तरह मामले में जमीन के स्वामित्व, विरासत संरक्षण और प्रशासनिक कार्रवाई से जुड़े सवाल उठ रहे हैं। 


आसपास के परिवारों पर भी पड़ सकता है असर


रेस कोर्स रोड क्षेत्र में अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई से आसपास रहने वाले परिवारों के प्रभावित होने की आशंका जताई गई है। अधिकारियों के मुताबिक, पात्र निवासियों के पुनर्वास के लिए वैकल्पिक आवास की व्यवस्था की जा रही है।


फिलहाल, मस्जिद को खाली कराने के नोटिस और सुविधाओं की आपूर्ति बंद किए जाने को लेकर स्थिति संवेदनशील बनी हुई है। आगे की कार्रवाई और संबंधित पक्षों की कानूनी दलीलों से मामले की स्थिति स्पष्ट होगी। 


निष्कर्ष: दिल्ली की रेस कोर्स मस्जिद से जुड़ा मामला सरकारी भूमि के दावे, ऐतिहासिक विरासत और धार्मिक स्थल के संरक्षण के सवालों से जुड़ा है। प्रशासन और संबंधित पक्षों के आधिकारिक बयानों तथा कानूनी आदेशों के आधार पर ही आगे की स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।