UPI Global Expansion: दुनिया के और देशों से जुड़ेगा UPI, PM मोदी ने किया बड़ा ऐलान

 UPI Global Expansion: दुनिया के और देशों से जुड़ेगा भारत का UPI, PM मोदी ने बताई बड़ी योजना


नई दिल्ली: भारत के डिजिटल पेमेंट सिस्टम UPI को वैश्विक स्तर पर और विस्तार देने की तैयारी है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा है कि UPI को अधिक देशों के payment networks के साथ integrate किया जाना चाहिए। इससे विदेशों में रहने वाले भारतीयों, यात्रियों और भारत के साथ कारोबार करने वाले लोगों के लिए cross-border payments आसान हो सकते हैं।


ज्यादा देशों से जुड़ने की तैयारी


मुंबई में आयोजित एक fintech conference में प्रधानमंत्री मोदी ने UPI की international expansion पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि अब अगला कदम UPI को दूसरे देशों के payment rails से जोड़ना होना चाहिए।


फिलहाल UPI 11 देशों में इस्तेमाल किया जा रहा है। इनमें Singapore, UAE, France और Nepal जैसे देश शामिल हैं। भारत और Singapore के PayNow को 2023 में जोड़ा गया था, जिससे दोनों देशों के बीच तेज डिजिटल फंड ट्रांसफर की सुविधा मिली।


UPI के बढ़ते इस्तेमाल का अंदाजा


UPI भारत में डिजिटल भुगतान का एक प्रमुख माध्यम बन चुका है। अगस्त 2026 में UPI के जरिए करीब 24.51 अरब transactions हुए, जिनकी कुल वैल्यू लगभग $314.2 अरब रही। Reuters के मुताबिक, transaction volume के लिहाज से UPI दुनिया का सबसे बड़ा retail fast-payment system है।


विदेश में रहने वाले भारतीयों को क्या फायदा होगा?


UPI के दूसरे देशों के payment systems से जुड़ने पर विदेश में रहने वाले भारतीयों और यात्रियों को फायदा मिल सकता है। खासतौर पर उन देशों में जहां बड़ी भारतीय आबादी है या भारत के साथ मजबूत व्यापारिक संबंध हैं।


इससे cross-border transactions को आसान बनाने और remittance की लागत घटाने में मदद मिल सकती है। भारतीय यात्रियों के लिए भी विदेशों में डिजिटल भुगतान के विकल्प बढ़ सकते हैं।


भारत के डिजिटल पेमेंट मॉडल को वैश्विक पहचान


UPI का अंतरराष्ट्रीय विस्तार भारत के digital payments ecosystem के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है। अलग-अलग देशों के instant payment networks को जोड़ने की कोशिश से भविष्य में international transactions को ज्यादा तेज और सुविधाजनक बनाया जा सकता है।

 

हालांकि, हर देश के अलग-अलग financial regulations, data-security requirements और payment infrastructure के कारण ऐसे integrations में तकनीकी और नियामकीय चुनौतियां भी रहती हैं।