UCC पर अमित शाह के बयान से सियासत गर्म, विपक्ष के तंज से बढ़ी राजनीतिक बहस
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के यूनिफॉर्म सिविल कोड यानी समान नागरिक संहिता (UCC) को लेकर दिए गए हालिया बयान के बाद देश की राजनीति में बहस तेज हो गई है। मुंबई में शाह ने कहा कि 2029 के लोकसभा चुनाव से पहले BJP और NDA के शासन वाले सभी 21 राज्यों में UCC लागू करने का लक्ष्य है।
इस बयान के बाद विपक्षी दलों की ओर से भी प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव ने सरकार पर निशाना साधते हुए पहले किए गए वादों को पूरा करने का मुद्दा उठाया और UCC को लेकर सवाल खड़े किए।
UCC का मकसद अलग-अलग समुदायों से जुड़े कुछ व्यक्तिगत कानूनों के स्थान पर विवाह, तलाक, उत्तराधिकार और गोद लेने जैसे मामलों में एक समान कानूनी व्यवस्था लागू करना है। हालांकि, इसके दायरे और प्रभाव को लेकर राजनीतिक दलों तथा अलग-अलग सामाजिक समूहों के बीच मतभेद जारी हैं।
अमित शाह के बयान के बाद NDA के भीतर भी UCC को लेकर एक जैसी राय सामने नहीं आई है। कुछ सहयोगी दलों ने समर्थन या चर्चा की बात कही है, जबकि JDU ने बिहार में इसे लागू करने को लेकर असहमति जताई है।
अब UCC को लेकर राजनीतिक बहस आने वाले दिनों में और तेज होने की संभावना है। अंतिम रूप से कानून किस तरह आगे बढ़ता है, यह संबंधित विधायी प्रक्रिया और राज्यों में होने वाली राजनीतिक सहमति पर निर्भर करेगा।
