सऊदी अरब ने हूतियों के खिलाफ मांगी मदद, अमेरिका के सामने बढ़ी चुनौती; ट्रंप ने क्या फैसला लिया?
यमन के हूती विद्रोहियों के बढ़ते प्रभाव के बीच सऊदी अरब ने अपनी सुरक्षा के लिए सहयोग की मांग तेज कर दी है। हालिया रिपोर्टों के अनुसार, हूतियों की गतिविधियों और लाल सागर के अहम समुद्री मार्गों को लेकर क्षेत्र में तनाव बढ़ा हुआ है।
सऊदी क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से हूतियों के खिलाफ अमेरिकी सैन्य मदद की मांग की थी। हालांकि, अमेरिका ने फिलहाल सीधे सैन्य हमले में शामिल होने से इनकार किया है। इसके बजाय वॉशिंगटन की ओर से खुफिया जानकारी और लक्ष्य संबंधी सहयोग देने की बात सामने आई है।
इसी बीच सऊदी अरब ने अन्य क्षेत्रीय और पश्चिमी देशों से भी एयर-डिफेंस सहायता मांगी है। रिपोर्टों में फ्रांस, ब्रिटेन, पाकिस्तान और मिस्र से सहयोग मांगे जाने का उल्लेख है।
21 सितंबर की Reuters रिपोर्ट के मुताबिक, ट्रंप ने यमन के राष्ट्रपति से बातचीत में सीधे अमेरिकी सैन्य समर्थन का कोई वादा नहीं किया। इससे संकेत मिलता है कि अमेरिका फिलहाल हूतियों के खिलाफ प्रत्यक्ष सैन्य कार्रवाई से दूरी बनाए हुए है।
