सत्य निकेतन हादसे के बाद जर्जर इमारतों पर चिंता, छात्रों की सुरक्षा चर्चा में

 दिल्ली सत्य निकेतन हादसा: जर्जर इमारतों और छात्रों की सुरक्षा पर उठे सवाल



दिल्ली के सत्य निकेतन इलाके में इमारत गिरने की घटना के बाद इलाके में रहने वाले छात्रों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है। स्थानीय लोगों ने आसपास मौजूद जर्जर इमारतों की स्थिति पर सवाल उठाते हुए नियमित सुरक्षा जांच की मांग की है।

सत्य निकेतन और आसपास के इलाकों में बड़ी संख्या में छात्र PG और किराये के मकानों में रहते हैं। बताया जा रहा है कि यहां केरल, हरियाणा और उत्तर प्रदेश समेत कई राज्यों से आए छात्र आसपास के कॉलेजों में पढ़ाई करते हैं। हादसे के बाद छात्रों के रहने वाले मकानों की सुरक्षा व्यवस्था और भवनों की नियमित जांच को लेकर चर्चा तेज हो गई है।

छात्रों की सुरक्षा को लेकर बढ़ी चिंता

स्थानीय लोगों का कहना है कि घनी आबादी वाले इलाकों में पुराने और जर्जर भवनों की समय-समय पर जांच होनी चाहिए। साथ ही PG और किराये के मकानों में रहने वाले छात्रों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए प्रशासन और मकान मालिकों की जिम्मेदारी तय करने की जरूरत है।

क्या PG और किराये के मकानों की जांच जरूरी?

हादसे के बाद यह सवाल भी सामने आया है कि क्या घनी आबादी वाले इलाकों में PG और किराये के मकानों की सुरक्षा जांच और सख्त की जानी चाहिए?