सऊदी की तेल पाइपलाइन पर ड्रोन हमला, सैटेलाइट तस्वीरों में दिखा भारी नुकसान; तेल सप्लाई पर बढ़ी चिंता
सऊदी अरब की अहम East-West तेल पाइपलाइन पर ड्रोन हमले के बाद सामने आई सैटेलाइट तस्वीरों ने नुकसान की गंभीरता को उजागर किया है। तस्वीरों में पाइपलाइन से जुड़े पंपिंग स्टेशन के आसपास जले हुए हिस्से और आग से हुए नुकसान के निशान दिखाई दे रहे हैं।
रिपोर्टों के मुताबिक, 10 सितंबर 2026 को सऊदी अरब के रियाद और मदीना क्षेत्र में पाइपलाइन से जुड़े ठिकानों को ड्रोन से निशाना बनाया गया था। इसके बाद सऊदी अधिकारियों ने East-West पाइपलाइन को अस्थायी रूप से बंद कर दिया। सऊदी अरब का कहना है कि ड्रोन इराक से लॉन्च किए गए थे। हालांकि, हमले की जिम्मेदारी किसी संगठन ने आधिकारिक रूप से नहीं ली है और इसके पीछे किसका हाथ था, इस पर अलग-अलग दावे सामने आए हैं।
करीब 1,200 किलोमीटर लंबी यह पाइपलाइन सऊदी अरब के पूर्वी हिस्से से लाल सागर के किनारे स्थित यानबू तक तेल पहुंचाती है। यह मार्ग रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण है क्योंकि इससे तेल को स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से गुजारे बिना निर्यात किया जा सकता है।
पाइपलाइन के बंद होने से वैश्विक तेल आपूर्ति को लेकर चिंता बढ़ी है। रिपोर्टों में अनुमान लगाया गया है कि इसके लंबे समय तक बंद रहने पर वैश्विक तेल आपूर्ति का करीब 4 प्रतिशत प्रभावित हो सकता है। हालांकि, मरम्मत में कितना समय लगेगा, इसको लेकर अलग-अलग अनुमान हैं और आधिकारिक समयसीमा स्पष्ट नहीं है।
सैटेलाइट विश्लेषण में हमले से पहले और बाद की तस्वीरों में पंपिंग स्टेशन के आसपास स्पष्ट बदलाव दिखाई देते हैं। इससे हमले के बाद लगी आग और बुनियादी ढांचे को हुए नुकसान का अंदाजा मिलता है।
