थायरॉइड की गड़बड़ी से क्यों बढ़ता है वजन? जानिए शरीर पर इसका असर और प्रमुख लक्षण

थायरॉइड बिगड़ने पर क्यों बढ़ने लगता है वजन? जानिए वजह और जरूरी बातें



थायरॉइड शरीर की कई महत्वपूर्ण प्रक्रियाओं को नियंत्रित करने वाली ग्रंथि है। इससे निकलने वाले हार्मोन शरीर के मेटाबॉलिज्म यानी ऊर्जा के इस्तेमाल को प्रभावित करते हैं। जब थायरॉइड पर्याप्त हार्मोन नहीं बना पाता, तो इसे हाइपोथायरॉइडिज्म कहा जाता है।


हाइपोथायरॉइडिज्म में शरीर का मेटाबॉलिज्म धीमा हो सकता है। इसके कारण शरीर पहले की तुलना में कम ऊर्जा खर्च करता है और कुछ लोगों में वजन बढ़ने लगता है। वजन बढ़ने के साथ थकान, ठंड अधिक लगना, कब्ज, कमजोरी और त्वचा में बदलाव जैसे लक्षण भी दिखाई दे सकते हैं।


हालांकि हर व्यक्ति में थायरॉइड की समस्या होने पर वजन बढ़ना जरूरी नहीं है। वजन बढ़ने के कई दूसरे कारण भी हो सकते हैं। इसलिए केवल वजन बढ़ने के आधार पर थायरॉइड की समस्या मान लेना सही नहीं है।


अगर लगातार वजन बढ़ रहा है और साथ में थकान या ठंड ज्यादा लगने जैसे लक्षण हैं, तो डॉक्टर की सलाह से TSH और T4 जैसे थायरॉइड टेस्ट कराए जा सकते हैं। जांच के आधार पर डॉक्टर उचित उपचार तय करते हैं। हाइपोथायरॉइडिज्म में आमतौर पर थायरॉक्सिन/लेवोथायरोक्सिन जैसी दवा का इस्तेमाल किया जाता है, लेकिन इसकी खुराक डॉक्टर तय करते हैं।


जरूरी बात: थायरॉइड की दवा खुद से शुरू या बंद न करें। लगातार लक्षण होने पर डॉक्टर से जांच और सलाह लेना बेहतर है।