🦚 कृष्ण जन्माष्टमी 2026: आज रात इस समय करें श्रीकृष्ण की पूजा
देशभर में आज श्रीकृष्ण जन्माष्टमी का पर्व श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाया जा रहा है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार भगवान श्रीकृष्ण का जन्म भाद्रपद मास के कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि और रोहिणी नक्षत्र में हुआ था। इसी वजह से जन्माष्टमी की मध्यरात्रि पूजा का विशेष महत्व माना जाता है।
जन्माष्टमी को कृष्णाष्टमी, गोकुलाष्टमी, कृष्ण जयंती, श्रीकृष्ण जयंती, यदुकुलाष्टमी और अष्टमी रोहिणी जैसे नामों से भी जाना जाता है।
🪔 पूजा का शुभ समय
जन्माष्टमी पर भक्त मध्यरात्रि के आसपास भगवान श्रीकृष्ण की पूजा-अर्चना करते हैं। हालांकि पूजा का सटीक मुहूर्त शहर और पंचांग के अनुसार अलग हो सकता है, इसलिए अपने स्थानीय पंचांग के समय को प्राथमिकता दें।
🦚 जन्माष्टमी पूजा में क्या करें?
भगवान श्रीकृष्ण का पंचामृत से अभिषेक करें।
नए वस्त्र और आभूषण पहनाकर उनका श्रृंगार करें।
माखन-मिश्री, फल और मिठाई का भोग लगाएं।
आधी रात में आरती और श्रीकृष्ण जन्मोत्सव मनाएं।
परिवार के साथ भजन-कीर्तन करें।
