शेयर बाजार में बड़ी गिरावट: 6 महीने के निचले स्तर पर पहुंचा Sensex, ₹17 लाख करोड़ का नुकसान
नई दिल्ली: भारतीय शेयर बाजार में सितंबर के आखिरी दिनों में तेज गिरावट देखने को मिली है। सोमवार, 28 सितंबर 2026 को BSE Sensex में 1,124.02 अंकों की गिरावट दर्ज की गई और यह 72,771.72 के स्तर पर बंद हुआ। यह मार्च 2026 के बाद Sensex का सबसे निचला क्लोजिंग स्तर रहा। वहीं Nifty 50 भी 360.25 अंक टूटकर 22,780.25 पर बंद हुआ।
एक महीने में ₹17 लाख करोड़ की कमी
बाजार में लगातार दबाव के चलते सितंबर महीने में Sensex में 5 फीसदी से ज्यादा की गिरावट दर्ज की गई। रिपोर्टों के मुताबिक, इस दौरान शेयर बाजार के कुल मूल्य में लगभग ₹17 लाख करोड़ की कमी आई है। सोमवार की एक ही कारोबारी बैठक में निवेशकों की संपत्ति में कई लाख करोड़ रुपये की गिरावट दर्ज की गई।
बाजार में गिरावट की वजह क्या है?
बाजार पर कई अंतरराष्ट्रीय और घरेलू कारकों का दबाव दिखाई दे रहा है। इनमें कच्चे तेल की बढ़ती कीमतें, पश्चिम एशिया में भू-राजनीतिक तनाव, अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में बढ़ोतरी और विदेशी निवेशकों की बिकवाली प्रमुख कारणों में शामिल हैं। 29 सितंबर को भी भारतीय बाजारों में दबाव जारी रहा और विदेशी निवेशकों की सितंबर में अब तक की निकासी 2.17 अरब डॉलर से अधिक बताई गई।
Nifty भी छह महीने के निचले स्तर पर
Sensex के साथ Nifty 50 में भी तेज गिरावट देखने को मिली। 28 सितंबर को Nifty 360.25 अंक यानी करीब 1.56 फीसदी गिरकर 22,780.25 पर बंद हुआ। इसके बाद 29 सितंबर को भी दोनों प्रमुख सूचकांकों में उतार-चढ़ाव जारी रहा।
निवेशकों के लिए क्या मायने रखता है?
शेयर बाजार में इस तरह की गिरावट के दौरान निवेशकों के पोर्टफोलियो के मूल्य में कमी आ सकती है। हालांकि, किसी एक दिन या एक महीने की बाजार चाल से भविष्य के रिटर्न का निश्चित अनुमान नहीं लगाया जा सकता। बाजार में आगे की दिशा वैश्विक घटनाक्रम, तेल की कीमतों, विदेशी निवेश और आर्थिक आंकड़ों समेत कई कारकों पर निर्भर करेगी।
निष्कर्ष
सितंबर 2026 में भारतीय शेयर बाजार पर दबाव काफी बढ़ा है। Sensex का छह महीने के निचले स्तर तक पहुंचना और करीब ₹17 लाख करोड़ के बाजार मूल्य में कमी बाजार की मौजूदा अस्थिरता को दर्शाती है। आने वाले कारोबारी सत्रों में निवेशकों की नजर वैश्विक बाजारों, कच्चे तेल की कीमतों और विदेशी निवेश की गतिविधियों पर रहेगी।
