सिलीगुड़ी कॉरिडोर पर भारत का बड़ा दांव, ₹2,077 करोड़ से बनेगा वैकल्पिक हाईवे
भारत सरकार ने रणनीतिक रूप से अहम सिलीगुड़ी कॉरिडोर क्षेत्र में सड़क कनेक्टिविटी मजबूत करने के लिए ₹2,077.18 करोड़ की परियोजना को मंजूरी दी है। इसके तहत NH-327 के 31.02 किलोमीटर लंबे बागडोगरा-पानीटंकी-खोरीबारी-गलगलिया सेक्शन को-लेन किया जाएगा।
क्यों महत्वपूर्ण है यह प्रोजेक्ट?
सिलीगुड़ी कॉरिडोर को आमतौर पर भारत के उत्तर-पूर्वी राज्यों को देश के बाकी हिस्सों से जोड़ने वाली महत्वपूर्ण कड़ी माना जाता है। नया अपग्रेडेड NH-327, NH-27 के लिए एक वैकल्पिक सड़क मार्ग के तौर पर भी काम करेगा। इससे क्षेत्र में कनेक्टिविटी और आवाजाही को मजबूत करने में मदद मिलने की उम्मीद है।
प्रोजेक्ट में क्या-क्या बनेगा?
परियोजना में चार लेन सड़क के अलावा 3 बड़े पुल, 1 रोड ओवरब्रिज, 5 एलीफेंट अंडरपास और दोनों तरफ सर्विस रोड शामिल हैं। इसका उद्देश्य यातायात को सुगम बनाने के साथ वन्यजीवों की सुरक्षित आवाजाही को भी बेहतर करना है।
नॉर्थ-ईस्ट की कनेक्टिविटी होगी मजबूत
सरकार के मुताबिक, परियोजना से नॉर्थ-ईस्ट तक पहुंच बेहतर होगी और नेपाल, भूटान तथा बांग्लादेश की दिशा में क्षेत्रीय कनेक्टिविटी को भी लाभ मिलेगा। बागडोगरा एयरपोर्ट और आसपास के इलाकों में यातायात दबाव कम करने में भी यह प्रोजेक्ट मददगार हो सकता है।
नोट: इसे “सिलीगुड़ी कॉरिडोर नंबर 2” कहना एक सरल मीडिया फ्रेमिंग है। आधिकारिक तौर पर यह NH-327 के 31.02 किमी हिस्से के फोर-लेनिंग प्रोजेक्ट के रूप में बताया गया है।
