दालों के बढ़े दाम: चना और मूंग की कीमतों में तेज उछाल, रसोई का बजट प्रभावित
Pulses Price Hike 2026: खाने-पीने की जरूरी चीजों की कीमतों को लेकर आम परिवारों के लिए एक और चिंता सामने आई है। सितंबर 2026 में प्रमुख दालों की थोक कीमतों में तेजी देखने को मिली है। भारतीय दाल एवं अनाज संघ (IPGA) के आंकड़ों के मुताबिक, पिछले एक महीने में चना की कीमत करीब 11%, जबकि मूंग की कीमत लगभग 10.6% बढ़ी है। वहीं तूर और मटर की कीमतों में भी वृद्धि दर्ज की गई है।
चना और मूंग के दाम में सबसे ज्यादा बढ़ोतरी
उपलब्ध बाजार आंकड़ों के अनुसार, पिछले एक महीने में चना के दाम में करीब 11% की बढ़ोतरी हुई है। मूंग की कीमत लगभग 10.6% बढ़ी है। इसी अवधि में तूर की कीमत करीब 6.5% और मटर की कीमत लगभग 6% बढ़ी है। पिछले सप्ताह भी कुछ प्रमुख दालों की कीमतों में 3 से 5% तक का उछाल दर्ज किया गया।
क्यों बढ़ रहे हैं दालों के दाम?
बाजार में दालों की कीमत बढ़ने के पीछे कई कारण बताए जा रहे हैं। इनमें त्योहारी सीजन में बढ़ी मांग, आपूर्ति को लेकर चिंता, मौसम की अनिश्चितता और फसल उत्पादन को लेकर आशंकाएं शामिल हैं। कुछ बाजार विशेषज्ञों ने ऑस्ट्रेलिया से कम आपूर्ति को भी कीमतों पर असर डालने वाला कारक बताया है।
2026 के मानसून में बारिश का वितरण भी असमान रहा है। इससे कुछ प्रमुख कृषि क्षेत्रों में फसलों की स्थिति को लेकर चिंता बढ़ी है और आने वाली फसल की पैदावार पर अनिश्चितता बनी हुई है।
सरकारी आंकड़ों में दालों के मौजूदा औसत भाव
उपभोक्ता मामलों के विभाग के प्राइस मॉनिटरिंग सिस्टम के अनुसार, 30 सितंबर 2026 को अखिल भारतीय औसत खुदरा कीमतों में ग्राम दाल करीब ₹88.96 प्रति किलो, तूर/अरहर दाल ₹125.81, उड़द दाल ₹123.18, मूंग दाल ₹112.11 और मसूर दाल ₹90.38 प्रति किलो रही। ये देशभर के औसत आंकड़े हैं, इसलिए स्थानीय बाजार में कीमतें अलग हो सकती हैं।
त्योहारी सीजन में और दबाव की चिंता
त्योहारों के दौरान दालों की मांग बढ़ने से बाजार पर अतिरिक्त दबाव पड़ सकता है। हालांकि, भविष्य में कीमतें किस स्तर तक जाएंगी, यह घरेलू आवक, फसल की स्थिति, आयात और सरकारी बाजार हस्तक्षेप जैसे कई कारकों पर निर्भर करेगा। इसलिए अभी से निश्चित रूप से यह कहना संभव नहीं है कि दालों के दाम कितने बढ़ेंगे।
आम परिवारों पर क्या होगा असर?
दाल भारतीय भोजन का महत्वपूर्ण हिस्सा है। कीमतों में लगातार बढ़ोतरी होने पर इसका सीधा असर परिवारों के मासिक किराना बजट पर पड़ सकता है। खासकर चना, मूंग और तूर जैसी रोजमर्रा में इस्तेमाल होने वाली दालों के महंगे होने से घरेलू खर्च बढ़ने की संभावना रहती है।
नोट: दालों के खुदरा भाव शहर, गुणवत्ता, ब्रांड और बाजार के अनुसार अलग-अलग हो सकते हैं। कीमतों से जुड़ी जानकारी प्रकाशित करने से पहले स्थानीय बाजार भाव और आधिकारिक आंकड़ों की जांच करना उचित है।
