Rahul Gandhi Pune Event: ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम में महिलाओं से संवाद, ₹25 हजार वाले आरोप पर विवाद

राहुल गांधी का पुणे में ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम, महिलाओं से जुड़े मुद्दों पर होगी चर्चा
Rahul Gandhi Pune Event: कांग्रेस नेता और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी 22 अगस्त को पुणे में ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम में शामिल होने वाले हैं। इस बार कार्यक्रम को खास तौर पर छात्राओं और महिलाओं की भागीदारी पर केंद्रित किया गया है। कांग्रेस के मुताबिक, शिक्षा, रोजगार, सुरक्षा और समान अवसर जैसे मुद्दों पर युवाओं की आवाज को सामने लाने की कोशिश की जा रही है।

भारतीय महिला होने के अनुभव पर राहुल गांधी ने मांगी राय

कार्यक्रम से पहले राहुल गांधी ने सोशल मीडिया के जरिए महिलाओं से पूछा कि उनके लिए भारतीय महिला होना क्या मायने रखता है। उन्होंने महिलाओं से अपने अनुभव और विचार साझा करने की अपील की। राहुल गांधी के अनुसार, महिलाओं की परिस्थितियों और उनकी आवाज पर चर्चा करना जरूरी है।

22 अगस्त को पुणे में होगा कार्यक्रम

‘छात्रों की गूंज’ का पुणे संस्करण 22 अगस्त को आयोजित किया जाएगा। रिपोर्ट्स के मुताबिक कार्यक्रम में बड़ी संख्या में लोगों के शामिल होने की संभावना है। पुणे पुलिस ने आयोजन को अनुमति देते हुए सुरक्षा और व्यवस्था से जुड़ी कई शर्तें भी तय की हैं।

Gen-Z इन्फ्लुएंसर्स को ₹25,000 देने का BJP का आरोप

कार्यक्रम को लेकर राजनीतिक विवाद भी सामने आया है। भारतीय जनता पार्टी ने आरोप लगाया है कि कुछ सोशल मीडिया और Gen-Z इन्फ्लुएंसर्स को कार्यक्रम में शामिल होने तथा सोशल मीडिया पर प्रचार करने के लिए ₹25,000 तक देने की पेशकश की गई।

हालांकि, उपलब्ध वायरल वीडियो/बातचीत के आधार पर इस दावे की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। रिपोर्ट के मुताबिक बातचीत में राहुल गांधी, ‘छात्रों की गूंज’ या कांग्रेस का स्पष्ट नाम नहीं लिया गया है। इसलिए इस दावे को फिलहाल BJP के आरोप के रूप में ही देखा जाना चाहिए, न कि स्थापित तथ्य के रूप में।

कार्यक्रम को लेकर राजनीतिक बहस तेज

‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम के जरिए कांग्रेस युवाओं और छात्राओं से जुड़े मुद्दों को सामने लाने की कोशिश कर रही है। दूसरी ओर, कार्यक्रम से पहले सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर्स को कथित भुगतान को लेकर भाजपा के आरोपों ने राजनीतिक बहस को और तेज कर दिया है।

नोट: इस खबर में राजनीतिक दलों द्वारा लगाए गए आरोपों को आरोप के रूप में ही प्रस्तुत किया गया है। संबंधित दावों की स्वतंत्र पुष्टि होने तक इन्हें अंतिम तथ्य नहीं माना जाना चाहिए।