Jharkhand High Court: रिटायर्ड कर्मचारी से ₹2.23 लाख Salary Recovery पर बड़ा फैसला, जानें पूरा मामला

Jharkhand High Court: रिटायर्ड कर्मचारी से वेतन की रिकवरी पर हाई कोर्ट का बड़ा फैसला, जानें पूरा मामला
Jharkhand High Court News: झारखंड हाई कोर्ट ने रिटायर्ड रेलवे कर्मचारी से कथित तौर पर अधिक भुगतान की गई सैलरी की रिकवरी से जुड़े मामले में महत्वपूर्ण फैसला सुनाया है। मामला दक्षिण-पूर्व रेलवे के पूर्व चीफ कमर्शियल सुपरवाइजर फिरोज खान से जुड़ा है। कोर्ट के रिकॉर्ड के अनुसार, कर्मचारी की सेवानिवृत्ति के बाद वेतन निर्धारण में हुई गलती के आधार पर ₹2,23,819 की राशि उनके रिटायरमेंट लाभ से वसूल की गई थी।

क्या है पूरा मामला?

कोर्ट के रिकॉर्ड के मुताबिक, फिरोज खान दक्षिण-पूर्व रेलवे में चीफ कमर्शियल सुपरवाइजर के पद पर कार्यरत थे। उन्हें दिसंबर 2017 में FR 56(J) के तहत compulsory retirement दिया गया था। बाद में वेतन निर्धारण से संबंधित मामले में रेलवे ने अधिक भुगतान होने की बात कहते हुए राशि की रिकवरी का फैसला लिया।

रेलवे की ओर से ₹2,23,819 की राशि उनके DCRG यानी सेवानिवृत्ति लाभ से समायोजित की गई। कर्मचारी ने इस कार्रवाई को चुनौती दी थी।

CAT के फैसले को रेलवे ने दी चुनौती

मामले में केंद्रीय प्रशासनिक अधिकरण (CAT), पटना की रांची सर्किट बेंच ने 9 अक्टूबर 2025 को कर्मचारी के पक्ष में आदेश देते हुए रिकवर की गई राशि वापस करने का निर्देश दिया था। इसके बाद रेलवे ने झारखंड हाई कोर्ट का रुख किया।

Rafiq Masih’ फैसले का भी हुआ उल्लेख

सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट के State of Punjab vs. Rafiq Masih फैसले का हवाला दिया गया। इस फैसले में कुछ परिस्थितियों में कर्मचारियों से गलत तरीके से किए गए अधिक भुगतान की रिकवरी को अनुचित माना गया है। इनमें रिटायर्ड कर्मचारियों से रिकवरी और कुछ अन्य परिस्थितियां शामिल हैं।

झारखंड हाई कोर्ट ने मामले के तथ्यों और संबंधित कानूनी सिद्धांतों को ध्यान में रखते हुए रिकवरी से जुड़े विवाद की समीक्षा की। कोर्ट रिकॉर्ड में यह भी दर्ज है कि कर्मचारी की pay fixation और compulsory retirement अलग-अलग मुद्दे थे।

रिटायर्ड कर्मचारियों के लिए क्यों अहम है मामला?

यह मामला इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि गलत वेतन निर्धारण के कारण सेवानिवृत्ति के बाद की जाने वाली रिकवरी पर अदालतों ने कई बार कर्मचारी को होने वाली आर्थिक कठिनाई और सुप्रीम कोर्ट द्वारा तय सिद्धांतों पर विचार किया है। झारखंड हाई कोर्ट के पुराने फैसलों में भी रिटायर्ड कर्मचारियों से कुछ परिस्थितियों में रिकवरी को कानूनन अनुचित माना गया है।

निष्कर्ष

झारखंड हाई कोर्ट में यह मामला रिटायर्ड कर्मचारी से अधिक भुगतान की गई राशि की रिकवरी और pay fixation से जुड़े महत्वपूर्ण कानूनी सवालों पर केंद्रित रहा। ₹2.23 लाख से अधिक की रिकवरी और CAT के आदेश के बाद रेलवे की चुनौती इस मामले का प्रमुख हिस्सा है।

नोट: यह खबर उपलब्ध न्यायिक रिकॉर्ड के आधार पर नए शब्दों में तैयार की गई है। कानूनी मामलों में अंतिम स्थिति संबंधित अदालत के आदेश और आधिकारिक रिकॉर्ड के अनुसार ही मानी जानी चाहिए।