भारतीय चीनी मिल संघ का बड़ा बयान: देश में चीनी की कमी नहीं, जल्द घट सकते हैं दाम
त्योहारी सीजन से पहले चीनी की बढ़ती कीमतों को लेकर भारतीय चीनी मिल संघ (ISMA) ने बड़ी राहत की बात कही है। ISMA के अध्यक्ष नीरज शिरगांवकर के मुताबिक, देश में चीनी की कोई वास्तविक कमी नहीं है और मौजूदा स्टॉक घरेलू जरूरतों को पूरा करने के लिए पर्याप्त है।
चीनी के दाम बढ़ने की वजह क्या है?
ISMA के अनुसार, हालिया तेजी के पीछे कई कारण हैं। कारोबारियों और थोक खरीदारों की अतिरिक्त खरीदारी, कीमतें और बढ़ने की आशंका तथा खराब मौसम से उत्पादन पर पड़े असर ने बाजार में दबाव बढ़ाया है। संगठन का कहना है कि चीनी मिलों की ओर से कृत्रिम कमी पैदा करने की कोई भूमिका नहीं है।
जल्द मिल सकती है राहत
केंद्र सरकार ने 10 लाख टन कच्ची चीनी के शुल्क-मुक्त आयात की अनुमति दी है। ISMA का मानना है कि इससे घरेलू बाजार में उपलब्धता बढ़ेगी और कीमतों पर दबाव कम हो सकता है। सितंबर के अंत तक करीब 35 लाख टन चीनी का स्टॉक बचने का अनुमान भी जताया गया है।
अक्टूबर से बढ़ेगी सप्लाई
अगला चीनी पेराई सत्र लगभग 15 अक्टूबर से शुरू होने की उम्मीद है। अक्टूबर में करीब 10–12 लाख टन उत्पादन का अनुमान है, जिससे बाजार में चीनी की उपलब्धता और बढ़ सकती है।
