न्यूयॉर्क में मोहन भागवत का संदेश: ‘एकता और विविधता भारत के DNA में है’
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) प्रमुख मोहन भागवत ने न्यूयॉर्क के मैडिसन स्क्वायर गार्डन में आयोजित ‘यूनिवर्सल वननेस सेलिब्रेशन’ कार्यक्रम को संबोधित करते हुए भारत की एकता और विविधता पर अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि अलग-अलग भाषाओं, संस्कृतियों और परंपराओं के बावजूद एकजुट रहना भारत की पहचान और उसकी मूल भावना का महत्वपूर्ण हिस्सा है।
मोहन भागवत ने अपने संबोधन में कहा कि भारत की विविधता ही उसकी ताकत है और एकता की भावना देश की सांस्कृतिक विरासत में गहराई से जुड़ी हुई है। उनके अनुसार, भारत का दायित्व केवल इस विचार को अपने तक सीमित रखना नहीं, बल्कि इसे आत्मसात करते हुए दुनिया के सामने भी प्रस्तुत करना है।
उन्होंने वैश्विक स्तर पर आपसी जुड़ाव, सद्भाव और एकता की जरूरत पर जोर दिया। कार्यक्रम के दौरान भारत की सांस्कृतिक सोच और ‘वसुधैव कुटुम्बकम’ जैसी व्यापक भावना को दुनिया तक पहुंचाने की बात भी चर्चा में रही।
न्यूयॉर्क में दिया गया यह संदेश अब सामाजिक और राजनीतिक चर्चा का विषय बन गया है। समर्थक इसे भारतीय संस्कृति और वैश्विक एकता का मजबूत संदेश बता रहे हैं, जबकि कुछ लोगों का कहना है कि ऐसे विचारों की असली सफलता उनके व्यवहारिक क्रियान्वयन में दिखाई देती है।
न्यूयॉर्क में मोहन भागवत के ‘एकता और विविधता भारत के DNA में है’ वाले संदेश को आप कैसे देखते हैं?
🇮🇳 दुनिया को भारत से यही सीखने की जरूरत है
👍 भारतीय संस्कृति का मजबूत वैश्विक संदेश
👎 कहने से ज्यादा इसे जमीन पर दिखाना जरूरी है
🙏 मत अलग हों, देश और समाज जुड़ा रहे
😮 संदेश बड़ा है, असली कसौटी अमल है
