नई दिल्ली: हल्द्वानी में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे की रैली के बाद सामने आए कथित ‘शुद्धीकरण’ विवाद को लेकर कांग्रेस के भीतर भी हलचल बढ़ गई है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, कांग्रेस वर्किंग कमेटी (CWC) की बैठक में खड़गे ने इस मुद्दे पर पार्टी के कुछ वरिष्ठ नेताओं की चुप्पी पर नाराजगी जताई।
नेताओं की चुप्पी पर खड़गे ने जताई नाराजगी
सूत्रों के हवाले से सामने आई जानकारी के अनुसार, खड़गे ने CWC बैठक में कहा कि ऐसे संवेदनशील सामाजिक और जातिगत मुद्दों पर पार्टी नेताओं को खुलकर अपनी बात रखनी चाहिए। उन्होंने इस बात पर निराशा जताई कि विवाद के बाद उन्हें पार्टी के वरिष्ठ नेताओं से अपेक्षित सार्वजनिक समर्थन नहीं मिला।
खड़गे ने नेताओं से सामाजिक न्याय और जातिगत भेदभाव से जुड़े मामलों पर अधिक आक्रामक और स्पष्ट रुख अपनाने की बात कही।
क्या है हल्द्वानी ‘शुद्धीकरण’ विवाद?
रिपोर्ट्स के मुताबिक, 8 अगस्त को हल्द्वानी के रामलीला मैदान में खड़गे ने कांग्रेस की एक रैली को संबोधित किया था। इसके दो दिन बाद उसी स्थान पर कथित तौर पर ‘शुद्धीकरण’ की रस्म की गई। इस घटना के बाद राजनीतिक विवाद खड़ा हो गया।
खड़गे ने इस घटना को लेकर अपनी नाराजगी जताई थी और इसे सामाजिक भेदभाव से जोड़कर सवाल उठाए थे। मामले को संसद में भी उठाया गया, जहां सरकार की ओर से जांच और उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया गया।
कांग्रेस के लिए क्यों अहम है यह मुद्दा?
CWC बैठक में इस मुद्दे का उठना बताता है कि कांग्रेस नेतृत्व सामाजिक न्याय और कथित जातिगत भेदभाव से जुड़े मामलों को राजनीतिक और संगठनात्मक स्तर पर ज्यादा मजबूती से उठाना चाहता है। पार्टी की ओर से ऐसे मुद्दों पर नेताओं की सक्रियता बढ़ाने पर जोर दिया जा रहा है।
हालांकि, खड़गे ने बैठक में किसी नेता का नाम सार्वजनिक रूप से नहीं लिया। रिपोर्ट्स के मुताबिक उनकी नाराजगी मुख्य रूप से उन नेताओं की चुप्पी को लेकर थी, जिनसे वह इस मामले में स्पष्ट प्रतिक्रिया की उम्मीद कर रहे थे।