शी जिनपिंग के भारत दौरे की चर्चा तेज, 400 अधिकारियों का दल भी आ सकता है; जानें चीन का बड़ा दांव
चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग के सितंबर में भारत दौरे की संभावना को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक, वह नई दिल्ली में 12-13 सितंबर 2026 को होने वाले BRICS शिखर सम्मेलन में शामिल हो सकते हैं। अगर दौरा तय होता है, तो यह करीब सात साल बाद शी जिनपिंग की भारत यात्रा होगी।
🇨🇳 400 अधिकारियों के साथ आने की तैयारी?
रिपोर्ट्स के अनुसार, शी जिनपिंग के साथ करीब 400 अधिकारियों का बड़ा प्रतिनिधिमंडल भारत आ सकता है। सूत्रों के मुताबिक चीनी अधिकारी संभावित यात्रा को लेकर होटल और सुरक्षा से जुड़ी तैयारियों में जुटे हैं। हालांकि, चीन ने अभी शी जिनपिंग की भारत यात्रा की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है।
🇮🇳 भारत-चीन रिश्तों के लिए क्यों अहम है दौरा?
2020 के गलवान संघर्ष के बाद भारत और चीन के रिश्तों में लंबे समय तक तनाव रहा। हाल के वर्षों में दोनों देशों के बीच सीमा से जुड़े मुद्दों पर बातचीत और उच्चस्तरीय संपर्क बढ़े हैं। ऐसे में शी जिनपिंग का संभावित भारत दौरा दोनों देशों के बीच संवाद को आगे बढ़ाने का महत्वपूर्ण अवसर माना जा रहा है।
🌏 BRICS सम्मेलन पर भी नजर
भारत इस साल BRICS सम्मेलन की मेजबानी कर रहा है। अगर शी जिनपिंग सम्मेलन में शामिल होते हैं, तो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ उनकी संभावित मुलाकात पर भी दुनिया की नजर रहेगी। सीमा विवाद, व्यापार, क्षेत्रीय सुरक्षा और BRICS सहयोग जैसे मुद्दे बातचीत के प्रमुख विषय हो सकते हैं। हालांकि किसी द्विपक्षीय बैठक की अभी आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है।
🔎 चीन का बड़ा दांव क्या माना जा रहा है?
करीब 400 अधिकारियों वाला बड़ा प्रतिनिधिमंडल इस बात का संकेत माना जा रहा है कि चीन BRICS के साथ-साथ भारत के साथ अपने संबंधों को भी महत्व दे रहा है। लेकिन विशेषज्ञों के लिए असली परीक्षा सीमा विवाद और आपसी भरोसे को लेकर होगी। इसलिए इस दौरे को रिश्तों में सुधार की संभावित शुरुआत के तौर पर देखा जा सकता है, लेकिन इसे सीमा विवाद के समाधान का संकेत मानना अभी जल्दबाजी होगी।
